प्रश्नोत्तर P21-0123 · भाग 21
गुरु जी, आत्म साक्षात्कार क्या है?
जहां "क्या है" है, वहां कोई वस्तु है, रूप है। "क्या है" से मुझे मुक्त होना है, तो मुझे आत्म का साक्षात्कार हो जाएगा — खुद के होने का बोध हो जाएगा, मैं उस पूर्ण मूल में अपने आप में आ जाऊंगा। क्योंकि जब तक आप "क्या है" में हो तब तक रूप में हो, और जब तक रूप में हो तब तक "मेरा" भी है। तो "क्या है" से मुक्त होने के लिए मुझे देखना है कि मैं कहां हूं, और जहां हूं वहां से अपने आप को छुड़ाना है; पूरी तरह मुक्त हो जाऊंगा तब आत्म का साक्षात्कार होगा, नहीं तो वो सिर्फ शब्दों में रहेगा। मैं इस एक रूप के लिए भिन्न-भिन्न रूपों का उपयोग करता हूं — बाहर के रूपों से मुक्त होंगे तो आत्म का साक्षात्कार होगा, जिसे आत्मज्ञान कहते हैं; और जब इस रूप से भी पूरी तरह मुक्त हो जाऊंगा तब ब्रह्मज्ञान होगा। तो पहले आत्मज्ञान के लिए प्रयास करो — और प्रयास है "सब कुछ" छोड़ना, यानी वही छोड़ना जो गड़बड़ है; हमने अर्थ का अनर्थ समझ लिया।
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वीडियो: मुझे कहां होना है ? कलबुर्गी कर्नाटक में पुनः सत्संग 12 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-14