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प्रश्नोत्तर P21-0122 · भाग 21

गुरु जी, यहां बसवेश्वर जी की एक कहावत है "कायकवे कैलास" — काम ही कैलाश है, काम ही पूजा है। अगर हम काम ही न करें तो पूजा कैसे होगी?

कौन सा कर्म पूजा है? निष्काम कर्म — ये गीता में भी बोला गया है। आप अपने परिवार के लिए करते हो, उन्होंने आपके लिए किया — ये पूजा नहीं है, एक कर्तव्य है, दायित्व है, जिम्मेदारी है। जब आप जरूरतमंद की सेवा करते हो, जहां बिना इच्छा-अपेक्षा का कार्य होता है, वो कर्म पूजा है — वो आपको उस परम मूल तक लेकर जाता है। यही कुछ देर पहले मैंने बताया; बस बोलने का तरीका सबका अलग-अलग रहता है।

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वीडियो: मुझे कहां होना है ? कलबुर्गी कर्नाटक में पुनः सत्संग 12 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-14