प्रश्नोत्तर P9-0179 · भाग 9
पुराने वीडियो में यह बात बैठ गई कि जितना खाया-पिया, उसका बिल चुकाओ और एकदम निकल लो। मैं उसे गहराई से उतारना चाहता हूं। अपने हिसाब से मैं कुटिया के नियम में हूं, लेकिन शायद आपके हिसाब से नहीं। ऊपर से नियम पालता दिखूं और अंदर घुटन हो, तो क्या सच में नियम में हूं?
अभी मिल चुकाना है, और जल्दी से जल्दी निकलना है। बस। तो आप पूरी तरह नियम में हो, मेरे हिसाब से।
बाबू लाल से क्यों पूछें। बाबू लाल कैसे कह सकते हैं कि आप हो या नहीं हो। यह आप ही कह सकते हो। कौन कह सकता है। हो सकता है ऊपर की चीजें आपने अपना ली हों, लेकिन अंदर की नहीं अपनाई हों। अंदर से हो सकता है कि आपने नियम को घुटन में अपनाया हो। तो आप नियम में थोड़े न हो। नियम में तो दिख रहा है, लेकिन हो नहीं, वह भी हो सकता है। बाबू लाल भी बता नहीं सकते। या तो मैं बता सकता हूं, या आप बता सकते हो। क्योंकि बाबू लाल आपको ऊपर से देख रहे हैं। ऊपर से आप पूरे नियम में हो, यहां के जितने नियम हैं कर रहे हो। लेकिन हो सकता है अंदर से घुटन हो, बेचैनी हो। उनके सामने नियम में हो, अंदर बेचैनी हो।
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वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16