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प्रश्नोत्तर P9-0085 · भाग 9

पूरी ईमानदारी से कहूं तो मुझे भोग गलत नहीं लगते। काम को गलत क्यों बताया गया है? भोग करने का तरीका कैसा होना चाहिए?

गलत क्यों बता दिया बात को। क्यों कुछ भी कह दें, मान लेते हो। भोग करने का तरीका कैसा है? ईमानदारी से अगर कर रहे हो, तो मुक्ति। बेईमानी से कर रहे हो, तो बंधन। बात खत्म। भोजन भी करना एक भोग है। भोग का मतलब क्या है? ग्रहण करना। अगर आप कुछ ग्रहण कर रहे हो, तो वह भोग है। चाहे वह दृश्य हो, चाहे रूप हो, चाहे रंग हो, चाहे शब्द हो, चाहे स्पर्श हो। पांच इंद्रियों द्वारा कुछ भी आप ग्रहण कर रहे हो, तो उसका नाम भोग है। तो बस ईमानदारी से करो, बात खत्म करो, और निकल लो।

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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06