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प्रश्नोत्तर P9-0084 · भाग 9

दुनिया में अति सुजान, अति समझदार, अति सहज, अति सुंदर, अति सुलभ, अति सरल और अति सुलझा हुआ क्या है?

क्या है, इससे मुक्त हो जाना। देखो, भैया। वह सब सरल, सहज, सुंदर, अति सुलभ, अति दुर्लभ, आनंद, परमानंद, वह वस्तु क्या है, हटा ही दो। बस, आप इससे मुक्त हो जाओ, इस क्या है से। जैसे आप क्या है से मुक्त होते हो, यह सब आनंदमय हो जाएगा, पूरा ब्रह्मांड। बस क्या हटाना है? क्या है। है भी, तो है। क्या बोलोगे, तो सामने वाला देखेगा। अगर क्या ही क्या है, तो पागल हो जाइएगा। अगर आप जाकर किसी से पूछोगे क्या, क्या, तो दो-चार थप्पड़ मार देगा। क्या है, यह पूछना पड़ेगा क्या। अगर आप क्या-क्या भी पूछने लगो, तो लोग कहेंगे, तू क्या हटा। वह पूछ रहा है क्या है, मैं बोलूं क्या हटा। और जो है, वह सारे है ही वाले हैं। है तो पूछने में आएगा, उत्तर में तो नहीं आएगा। तो क्या है, और है, दोनों हटाने पड़ेंगे। यह पहले बता दिया न, कि सहज है, आनंद है। बता देने से क्या उपलब्ध हो गया। बताने से स्थिति थोड़ी न हो जाती है। बोलने में क्या जाता है। राजा-राजा बोलने से राजा की स्थिति थोड़ी न हो जाएगी। राम-राम बोलने से राम थोड़ी न आ जाएंगे। अंधों के बीच काना राजा। तो क्या है, हटा दो। बाकी सब एकदम रह जाएगा।

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वीडियो: लाइव के प्रश्न और उत्तर अपना स्वयं का कल्याण कैसे करें ? #योगी · 2026-06-06