प्रश्नोत्तर P8-0019 · भाग 8
गुरु जब आत्मचिंतन के लिए बैठते हैं तो कौन सा सवाल लेकर बैठना चाहिए?
बस, मैं अपना उद्धार कैसे कर लूं? मैं इस मायाजाल से अपने आप को निकाल कैसे लूं? बस। जैसे आप कहीं जा रहे हो तो आप जगह का सिर्फ नाम याद रखो। लोग आपको पता बताते जाएंगे। लेकिन आपको जगह का नाम नहीं याद है तो आप पहुंच पाओगे? तो मुझे यह याद रखना है कि मेरा उद्धार कैसे होगा, मेरा कल्याण कैसे हो। उसके लिए मैं काम करूं। बस। मुझे मुक्ति चाहिए। मुझे मोक्ष चाहिए। मुझे राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, मेरे कर्ता से मुक्त होकर मुझे उस परम आनंद में आना है। अपने स्व में स्थिर होना है। उस आनंद में मुझे चले जाना है। मेरा स्व है, उसमें मुझे जाना है। मुझे कैसे भी यह दुख, दर्द, सुख से निकलना है। ना मुझे सुख चाहिए, क्योंकि सुख चाहिए तो दुख भी है। दुख सीधा थोड़ी ना है। पहले सुख, बाद में दुख। अगर सुख ना लो तो दुख हो ही नहीं सकता। अगर तू सुख ना ले तो दुख तुझे हो ही नहीं सकता, छू नहीं सकता। लेकिन जब तू सुख भोगता है तो दुख भाई उसका दूसरा पहलू है।
वो सिस्टम तो बहुत कुछ सिखाता है। चौबीस घंटे मगन में चलता रहता है। बस जीवन जियो। उसमें जियो। उसमें जियो, तब कुछ होगा।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 19 अप्रैल 2026, इस वक्त इस दुनिया में सबसे कठिन कार्य क्या है ? #योगी · 2026-04-19