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प्रश्नोत्तर P7-0186 · भाग 7

जो महापुरुष चले गए, उनसे संबंध हो सकता है क्या? उनकी वाणी, उनकी आवाज को कैसे वापस लाया जाए? जैसे मोबाइल सिग्नल पकड़ता है, वैसे उनकी गूंज पकड़ी जा सकती है क्या?

करके देखो, बता देंगे। यह मोबाइल ही एक्सपेरिमेंट है। यह सिग्नल पकड़ रहा है। हम यहां बात कर रहे हैं, और किसी और देश में सुनी जा रही है। इसका मतलब आवाज जा रही है कहीं। इसने पकड़ लिया। आवाज तो गूंज रही है। अब उन महापुरुषों के वचन गूंज रहे हैं। तो वही, अपने पास सिस्टम लाओ। तुम लाओ, खोज करो। यह काम तुम ही करो। उनकी आवाज पकड़ो। आप इस पर काम करो। लोगों को अगर लग रहा है कि इससे लाभ होगा, तो तुम इस पर पूरी तरह लग जाओ। लगकर देखो। कामकाज छोड़ो, इसी खोज में लग जाओ। ऐसा नहीं है क्या होता? करना-धरना तो कुछ है नहीं। बस बातों से बात चाहिए। भैया, आत्मिक कल्याण कर लो। ऐसा ना हो कि इनकी आवाज, उनकी आवाज, यह पत्ता हरा क्यों है, इसका रंग क्यों है, इसकी बनावट ऐसी क्यों है। इसी में मत उलझो। इज्जत से, समझदारी से, बुद्धिमानी से अपना कल्याण कर लो, अगर चाहते हो। नहीं तो बाहर गए, तो ऐसे ही फंस जाओगे, और कर कुछ नहीं पाओगे। अभी जिस प्रश्न को तुमने किया, इसका तुम्हारे जीवन में कोई मतलब है क्या? जो महापुरुष हैं, इस समय, उनसे तो जुड़े हुए नहीं हो। मान लो उनकी वाणी मिल जाए। यह वाणी तो तुमको मिल ही रही है। तो क्या कर लोगे तुम? चलो, जिस महापुरुष की बात कर रहे हो, वही आकर प्रत्यक्ष तुम्हारे सामने आ जाए, तो क्या कर लोगे? क्या तुम्हें लगता है कि तुम्हारा कल्याण हो जाएगा? सोच-समझ के आगे बढ़ो। उनकी वाणी को कैसे वापस लाया जाए, इस चक्कर में मत पड़ो। फिर आराम करो।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 12 अप्रैल 2026, अपनों की कुटिया में सत्संग समझो #योगी · 2026-04-12