प्रश्नोत्तर P7-0139 · भाग 7
सुनते सुनते लगभग एक साल से प्रेरणा हुई, तभी आ पाया। परिवार के दलदल में ऐसा फँसा हूँ कि चार महीने से आना हो नहीं पा रहा था। एक बार गौतम बुद्ध की तरह बिना बताए चल जाने का मन हुआ, पर आपके वचनों से बिना बताए जाना उचित नहीं लगा। दो बच्चों की शादी करनी है, इसलिए बताकर आया। बड़ा बेटा सपोर्ट कर रहा है, बाकी पत्नी और बच्चे सब खींच रहे हैं। निकलना बहुत कठिन लग रहा था। अब क्या करूँ?
समझ में आ रहा है, तभी तो आए, चल पा रहे हो। उस पर पूरी तरह चल नहीं पा रहे हो। लगभग, मतलब संभावना है, पूरी तरह चल नहीं पा रहे हो। चलो, पूरी तरह चलो। पूरी तरह, हाँ, पूरी तरह चलो। चलो, किसी तरह से प्रयास किए, तो सफल तो रहे। चलो, कोई तो सपोर्ट किया। पूरी तरह लग जाओ। अभी दो बच्चों की शादी करनी है, कोई बात नहीं।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 5 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-05