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प्रश्नोत्तर P7-0118 · भाग 7

गुरु जी, क्या आत्मज्ञान के बाद व्यक्ति को अपने पूर्व जन्म का ज्ञान भी हो जाता है? क्या आप अपने पूर्व जन्म को देख पाते हो?

नहीं। मुझे ना तो देखने की अवस्था है, और ना जरूरत है, वहाँ देखने की, जहाँ से मैं आया हूँ। वहाँ देखने की क्या जरूरत है? क्योंकि आप अगर यहाँ खड़े हो, और पीछे जाकर कुछ देखते हो, तो आपकी ऊर्जा तो लगेगी। जैसे भीष्म पितामह को कितने जन्मों का दिखा दिया कृष्ण भगवान ने, लेकिन ज्ञान नहीं हुआ। कोई मतलब हुआ क्या? लेकिन अर्जुन को ज्ञान हो गया। काश भीष्म पितामह अपने कल्याण के लिए बात करते। उन्होंने पहला जन्म जानकर क्या कर लिया? क्या कर लिया? एक भरोसा उनको हो गया कि यह मेरे कर्मों का परिणाम है। अच्छा, क्या हुआ? कुछ हुआ क्या? नहीं। इसलिए आप यहाँ तक आ गए हो, तो पीछे जाकर क्या करोगे? उसमें भी तो ऊर्जा लगेगी। इसलिए कोई मतलब नहीं है। मुझे अपने पिछले अगले से कोई मतलब नहीं। मुझे इतना पता है कि बस मुझे निकल जाना है। मैंने अपने जीवन में बस इतना सोचा है।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 5 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-05