प्रश्नोत्तर P7-0102 · भाग 7
हमारे ऊपर हाथ रखिए, कि जीवन जितना भी है, जिसके लिए आए हैं उसी में रहें। आपका संकल्प और हमारा संकल्प एक हो जाए।
पूरी तरह लगे रहो। शब्द तो दे दिए आपको। आपको सब दे दिया। थोड़ा दूर से लग जाओ, पूरी तरह। अब बस। इसका भी कभी समय आएगा। लगो। पहले मेहनत तो करो।
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वीडियो: भाग्य कौन तय करता हैं प्रारब्ध या कर्म ? Aadhyatmik Pratyasth Gyan Yogi · 2025-07-03