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प्रश्नोत्तर P6-0134 · भाग 6

आपने कहा है कि संसार क्या है। मैं इसमें ही रहता हूं। मुझे खुद में आना है। संसार से हटकर खुद में कैसे आ जाऊं?

संसार का मतलब, सबका यहां अपनापन, पूरा संसार है। और संसार में अनेक भिन्न-भिन्न रूप हैं। अनेक रूप में, अनेक पिंड में, मैं घुसा हूं, अपनी कामना के लिए, इच्छा के लिए, वासना के लिए। तो मुझे वो कामना और इच्छा छोड़ के वहां से निकलना है।

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वीडियो: Sunday Q&A August 2, 2026 #Yogi · 2026-08-02