प्रश्नोत्तर P6-0130 · भाग 6
दृष्टा भाव में कैसे रहे?
दृष्टा भाव में हर वक्त सचेत रहो कि ईमानदारी मुझे रखनी है। बस मेरे कर्म में ईमानदारी बनी रहे। दृष्टा भाव रखना है। फिर एक समय ऐसा आएगा कि भाव भी छूट जाएगा, क्योंकि भाव भी तभी तक है जब तक आप लिप्त हो। आप लिप्त से मुक्त हो गए, तो भाव भी खत्म।
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वीडियो: Sunday Q&A August 2, 2026 #Yogi · 2026-08-02