प्रश्नोत्तर P5-0083 · भाग 5
नए भाव में नहीं गए, स्वयं में रहे — पर पुराने भाव फिर आते हैं। हमेशा के लिए कैसे खत्म हों?
खत्म तब करोगे जब उसे देख पाओगे कि उसको धारण करने के लिए मैंने क्या किया। मैंने धारण करने के लिए जो किया, तो मैं क्या करूं कि वह अब हट जाए। क्योंकि जिसको मैंने धारण किया, उसे मैं छोड़ भी सकता हूं। मेरी स्वतंत्रता है। अब मैंने उसको धारण किस स्थिति में किया, किस परिस्थिति में किया, वह देखना पड़ेगा। जरूरत में किया। ज्यादा के चक्कर में किया। लोभ के चक्कर में किया। बड़ा बनने के चक्कर में किया। जब यह देख पाओगे, फिर आप छोड़ भी पाओगे।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 9 अगस्त 2026 · 2026-08-09