प्रश्नोत्तर P4-0191 · भाग 4
(वही साधिका) आपको लोगों से हेल्प मिली — तो क्या दूसरों से लेने पर हमारे पिछले पुण्य कर्मों का 'एटीएम' क्षीण नहीं हो जाता? और अगर सही काम में लगाते हुए भी मन में लगे कि यह गलत है, तो?
हां, जरूर कुछ ना कुछ होगा — ऐसे कोई किसी को थोड़ी नहीं दे सकता। लेकिन मैं उसका उपयोग क्या कर रहा हूं? क्षीण तो सब होगा, लेकिन हम उसका उपयोग क्या कर रहे हैं? अगर हम समाज के लिए कर रहे हैं, तो और बढ़ जाएगा ना, वो खत्म नहीं होगा — कैसे खत्म होगा, हम समाज को ही बांट दे रहे हैं। (और अपनी मेहनत से समाज को बांटें तो?) वो भी बढ़ेगा। आपके पास अगर कुछ भी है और आप निस्वार्थ बांटते हो, तो बढ़ेगा ही बढ़ेगा।
(सही काम में धन लगाते हुए भी अगर लगे कि गलत है —) तब तो आप गिर गए। आपको ही पहले (सही) लगना चाहिए; अगर आपको ही गलत लग गया (और फिर भी) करके करेंगे, तो आप गिर जाएंगे। पहले समझिए कि क्यों नहीं कर पाऊंगी। तो आप अपनी योग्यता को बढ़ाइए, अपनी क्षमता को बढ़ाकर करिए; ना कि आप किसी पर निर्भर करके किए। आप कोई भी काम कर रहे हैं, तो आपको उसके बारे में पूरा नॉलेज, पूरी जानकारी होनी चाहिए।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17