आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P4-0141 · भाग 4

(वही साधक, पेंशनर) इस सत्संग को जब हम दूसरों को देते हैं तो वो भाग निकलते हैं, क्योंकि इसमें रस है ही नहीं। तो क्या हम लोग इसका प्रचार कर सकते हैं — लोगों को कह सकते हैं कि चलिए वहां?

हां, ये बोल सकते हैं कि मेरा जीवन यहां से बदला है, और अगर आपको समझ में आए तो जाना — मेरा तो बदला है, लेकिन आपको समझ में आए तो जाना। हो सकता है उनको भाषा समझ में नहीं आ रही हो। जबरदस्ती मत ले आइए, नहीं तो फिर रातों-रात वो भागेंगे — उनकी इच्छा रह गई। खुद समझ के आओ। अगर आदमी खुद की समझ लेके आएगा तो उसका कल्याण होगा; लेकिन आपकी समझ से अगर वह आया, फिर उसको यहां घुटन होगी, क्योंकि इतने एकांत में कौन रहेगा? एक शब्द भी (बोल नहीं) पाएगा, यहां तक कि एक-दूसरे को देख के मुस्कुरा भी नहीं सकते, मोबाइल अलाउड नहीं है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25