प्रश्नोत्तर P4-0128 · भाग 4
(लाइव) योगी जी प्रणाम। जीना क्यों, मरना क्यों, कुछ करना क्यों, कुछ नहीं करना क्यों? कृपया मेरी इस उलझन को दूर करें।
तो बात ही खत्म हो गई — उलझन है कहां? उलझन तो तब रहती जब कुछ करना होता है; जब कुछ करना नहीं है तो उलझन कहां? तो बात ही खत्म।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25