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प्रश्नोत्तर P4-0100 · भाग 4

(लाइव) प्रणाम गुरु जी। क्या खुद को समझने के लिए सारा ज्ञान त्यागना जरूरी हो जाएगा? कृपा करें।

ज्ञान आपके पास कहां है? अभी तो आपके पास जानकारियां हैं। तो कहने का मतलब — जानकारियों में जो अहम भाव है, वह त्यागना है। क्योंकि आपने दूसरे की जानकारियों को अपनी जानकारी मान बैठे हो, दूसरे के सत्य को अपना सत्य मान बैठे हो, उसके लिए लड़ाई-झगड़ा करते हो — इसलिए आप ऐसे तकलीफ में घूम रहे हो। काश, दूसरे के सत्य को अपनी जानकारी मानकर, उस सत्य तक पहुंचने के लिए काम करते, तो कभी आप सत्य तक पहुंच जाते। लेकिन आप दूसरे का सत्य अपना सत्य मानकर उसके लिए लड़ रहे हो।

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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25