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प्रश्नोत्तर P4-0095 · भाग 4

(कुटिया में साधक) योगी जी, हमने इतनी भारी जानकारियां इकट्ठी कर ली हैं और उसी से हम परेशान हैं। तो क्या एक अबोध बच्चे को हम भारी जानकारी ना दें — ये एक्सपेरिमेंट करें कि इसको कोई जानकारी मत दो — तो क्या हमारी अपेक्षा उस बच्चे की यात्रा जल्दी होगी?

हां, अगर वह उस जगह को स्वीकार किया जहां वह रह रहा है। (लेकिन) ऐसा हो ही नहीं सकता — उसकी समझ से जानकारी वो उठा ही लेगा, क्योंकि वो समझ तो लेके आया है ना। आपको कुछ ना कुछ जानकारी देनी ही पड़ेगी, और कुछ जानकारी वो खुद भी खोज लेगा — आपने एक पकड़ाया है तो दो खुद पकड़ेगा, क्योंकि कहेगा एक के बाद क्या — वहीं से शुरुआत हो गई। कहीं तो उसे इस दुनिया में, पृथ्वी पर रखोगे, तो जिस रूप को देखेगा, पूछ लेगा ये क्या है — (समझ) तो लेके आया है ना। हमने भी खुद ऐसी जानकारी ले ली जो मां-बाप को अभी भी नहीं है; हमने अपने इंटरेस्ट के अनुसार वो ले ली थी ना। वो जीवात्मा खुद ले लेता है। ऐसा नहीं कि आप जितना देते हो, उतना ही उसके पास है।

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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25