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प्रश्नोत्तर P21-0012 · भाग 21

आत्म तत्व में स्थिर हुए बहुत-से साधु-संत भी वापस इच्छा-अपेक्षा में आ गए, इसका प्रमाण वेद में है — फिर?

हम यहां आपसे बात कर रहे हैं, वेद से नहीं। जितने लोग वापस आए, वे आत्मज्ञान की तरफ नहीं बढ़े थे, सिद्धियों की तरफ बढ़े थे — आठ सिद्धियों के अंदर काम कर रहे थे; उनको तो स्व मालूम ही नहीं था। वे इच्छा-अपेक्षा में ही ऊपर गए थे, तो इच्छा-अपेक्षा में नीचे आ गए, इसमें क्या बड़ी बात है? स्व के कर्ता पद से उन्होंने सिद्धि प्राप्त की, स्व को नहीं जाना, इसलिए वापस आना ही पड़ा। स्व को तभी जाना जा सकता है जब इच्छा-अपेक्षा से मुक्त होगे; इच्छा-अपेक्षा में रहकर जानने का प्रयास करोगे तो फिर वहीं आओगे जहां ये लोग आए।

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वीडियो: इच्छा अपेक्षा क्या है?इससे कैसे मुक्त होते है?(Freedom from Desire & Expectation) Explained in Hindi · 2026-03-07