आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P2-0190 · भाग 2

अगर मुझे अपनी ही जिंदगी का कोई फैसला लेना हो और मुझे पता ही न हो कि यह मार्ग सही है या गलत, तो कैसे लूं? यह तो जोखिम (रिस्क) है।

जब कुछ पता ही नहीं है, तो फैसले की बात ही नहीं है; पता होने के बाद ही फैसले की बात आती है। अगर इतने अबोध हो, तो फैसले का भाव ही नहीं आएगा। रिस्क इसलिए लगता है क्योंकि हम चट्टू (भोग-लोलुप) हैं; रिस्क कुछ नहीं है। हमारे जीवन में रिस्क क्या है, बताओ?

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: आखिर कब तक ये याद रहेगा ? #योगी · 2026-01-16