प्रश्नोत्तर P2-0073 · भाग 2
भगवन, मैं महसूस करना चाहता हूं कि जो आंतरिक सुख, जो परम आनंद आप हर समय जी रहे हैं, वह मुझे बस क्षण भर के लिए हो जाए। उसकी अनुभूति कैसे लूं?
बस उम्मीद से मुक्त होने का प्रयास करिए — जो आपने दूसरों से उम्मीद बनाकर रखी है, उससे मुक्त हो जाओ। लेने का भाव छोड़कर देने का भाव बनाओ। बात खत्म। एक दिन उस परम स्थिति को उपलब्ध हो जाओगे।
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