प्रश्नोत्तर P19-0028 · भाग 19
गुरु जी, मैं कामनाओं को छोड़ने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन पूरा छोड़ नहीं पा रहा — मार्ग दिखाइए। मन मुझे यहां-वहां ले जाता है।
कोशिश क्यों कर रहे हो? सीधा छोड़ दो — जितनी बुराई वाली आदतें हैं। आप बोलते हो मन यहां जा रहा है — मन भूख पर जा रहा है, प्यास पर जा रहा है; पर भोजन देने के बाद बोलो कि मन भूख पर जाए, नहीं जाएगा; प्यास मिटने के बाद पानी पर नहीं जाएगा। मन जा रहा था तो आप जा रहे थे — मन को दोष दे रहे हो। मन आपका सबसे बड़ा सहायक है, वह हमेशा इंगित करता है।
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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29