आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0020 · भाग 19

गुरु जी, कबीर साहब के लाखों शिष्य थे, फिर भी बहुत कम क्यों पहुंचे? क्या कोई गुरु हमें पहुंचा सकता है?

आंतरिक ईमानदारी और मेहनत करो और आगे बढ़ लो — आप ही हो जो अपने आप को तार सकते हो, और आप ही हो जो अपने आप को भटका सकते हो, कोई दूसरा नहीं। कबीर जी के कोई 60 लाख शिष्य कहता है, उनमें से दो पहुंचे — प्रत्यक्ष गुरु के रहते सब क्यों नहीं पहुंचे? क्योंकि कोई किसी को नहीं पहुंचा सकता। जब कबीर के रहते सब नहीं पहुंचे, तो आज कबीर आपको कैसे पहुंचाएंगे? इस भ्रम में मत रहना कि कोई यहां मिलेगा, वहां मिलेगा — तुम्हारे अलावा कोई है तो तुम उस तक पहुंच ही नहीं सकते। ज्ञान के पहले गुरु भी छूट जाता है — आनंद गौतम बुद्ध में फंसे रहे, उनके जाने के बाद ज्ञान हुआ। घंटी, धुन सुनाई दे रही है, कोई खड़ा दिख रहा है, तो समझ लो फंसे हो। जहां ज्ञान समझ में आए, ज्ञान लेकर निकल लो — किसी को पकड़ो मत, अपने आप को पकड़ो।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29