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प्रश्नोत्तर P19-0019 · भाग 19

गुरु जी, योग और सत्कर्म दोनों अलग-अलग हैं क्या?

नहीं, सत्कर्म करना भी योग है। योग मतलब अपने आप को साधना, सुधारना — सब इसमें आ गया। जैसे बेईमानी एक ऐसा शब्द है जिसमें छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड सब आ गया; जैसे घर में "भोजन लाओ" बोलो तो दाल, चावल, रोटी — जो बना है सब आ गया, अलग-अलग गिनती नहीं गिनानी पड़ती। बाहर की दुनिया में जो योग (आसन) समझ रहे हो, वह योग नहीं।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29