प्रश्नोत्तर P18-0127 · भाग 18
गुरु जी, आप सालों से लोगों के प्रश्नों के उत्तर दे रहे हैं और एक ही प्रश्न हजारों बार आता होगा — क्या आपको गुस्सा या इरिटेशन नहीं होती? हमें तो तीन बार कोई एक बात पूछे तो झुंझलाहट होती है।
हजारों बार प्रश्न आए तो हजारों पूछने वाले अलग-अलग तरीके से पूछे, हजारों लोग अलग-अलग स्थिति में थे, तो हजारों लोगों के लिए हजारों तरीके से जवाब निकले, एक तरीके से नहीं। वह इतनी बार पूछे — मेरा काम है कि आपका स्तर कैसे ऊपर उठ जाए, बस। (साथी ने समझाया: प्रेम कोई क्रिया नहीं, एक स्थिति है; जहां बदले में किसी से कुछ नहीं चाहिए, वहीं सच्चा प्रेम है, और वहां झुंझलाहट जैसे भाव नहीं आते — वे झूठे प्रेम से आते हैं।)
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वीडियो: जब मैं छोटे दायरे को तोड़ा ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-22