आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0053 · भाग 18

गुरु जी, बेईमानी करें लेकिन उसका परिणाम न आए — क्या ऐसी कोई युक्ति या सेटिंग है?

ऐसी कोई सेटिंग है तो कर लो — बेईमानी का फल तो आएगा ही, भोगना पड़ेगा। अगर संसार में रहकर ईमानदारी मुश्किल लगती है और साधक बनकर रहना है, तो साधक बनकर रहो — यहां साधक के लिए भोजन और रहने की निशुल्क व्यवस्था है; जीने के लिए भोजन, कपड़ा, तेल-साबुन हम देंगे, जीवन भर रहो। संसार में कौन भेज रहा है? यहां तीन दिन में किसी ने आपका नाम तक नहीं पूछा, गिलास उठाने को भी नहीं कहा। अंदर पुराना चलता रहे तो चलने दो, आराम से पड़े रहो — बाहर की व्यवस्था मैं दे सकता हूं, अंदर की परेशानी आपकी है।

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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03