प्रश्नोत्तर P18-0047 · भाग 18
गुरु जी, कहा जाता है कि नाम जप से मन पर ठहराव आता है — क्या नाम जप से विचार रुक जाते हैं और पिछले कर्म कटते हैं?
नाम जप से ठहराव मन पर नहीं, आप पर आएगा — जब आप अनुचित छोड़कर उचित में आओगे। अलग-अलग सोच, दृश्य और भाव जो आ रहे हैं, नाम जप उन्हें एक तरफ केंद्रित करके कुछ देर रोकने में सहायक है, लेकिन फिर वहीं आ जाओगे, क्योंकि जैसा आप काम करते हो और जैसी जिंदगी जी है, वैसे ही विचार अंदर घूमते हैं। विचार वही आते हैं जो हमने पांच इंद्रियों — पांच कैमरों — से इकट्ठा किया है; जिस जगह या व्यक्ति को कभी देखा नहीं, उसके बारे में सोच भी नहीं सकते। नाम पर ध्यान तो चला जाएगा, लेकिन पिछला भी तो खत्म करना है, और नाम जप के बाद आप कर्म भी तो कर रहे हो। वाल्मीकि की तरह बैठ गए और उपलब्धि तक उठे ही नहीं, तब बात अलग है। नहीं तो कर्म पर ध्यान देना पड़ेगा — पिछला कैसे हटे और आगे कर्म बंधन न बंधे। आप दिन भर लाखों माला जप रहे हो और अपराध भी कर रहे हो, तो क्या आत्मिक कल्याण होगा? नाम जप आदत बन गया तो कोई बात नहीं, लेकिन कर्म ठीक तरीके से करो और पहले पूरी तरह ईमानदार हो जाओ।
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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03