प्रश्नोत्तर P18-0011 · भाग 18
गुरु जी, आत्मज्ञान होने के बाद क्या परिवर्तन और अनुभव आता है?
आत्मज्ञान के बाद आप इस जगत से छूट जाते हो, फिर ब्रह्म की यात्रा शुरू होती है। जैसे कोई स्त्री गर्भ धारण कर ले तो पक्का हो गया कि अब वह मां बनेगी — मां बनने की यात्रा अपने आप चल रही है; वैसे ही आत्मज्ञान के बाद पक्का हो जाता है कि अब मिलन हो जाएगा, कोई संशय नहीं। वह साधक बस परमात्मा का इंतजार कर सकता है; उसे किसी साधन की आवश्यकता नहीं रहती — मिला तो भी ठीक, नहीं मिला तो भी ठीक। राग-द्वेष पूरी तरह खत्म हो जाता है। पहले मैं समझता था आत्मज्ञान आखिरी स्थिति है, पर अब पता चला कि यात्रा तो अब से शुरू हुई; अब तक तो जगत से छूटने की यात्रा हो रही थी।
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वीडियो: योगीजी की आत्मकथा अज्ञान से ज्ञान तक खोज में कुछ अनुभव की बातें ! #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2024-08-25