प्रश्नोत्तर P17-0137 · भाग 17
गुरु जी, हमें लगता है कि घर-परिवार वाले हमारे बिना नहीं रह पाएंगे — क्या यह सही है?
यह गलत बात है कि "हम तुम्हारे बिना नहीं रह पाएंगे" — तुम्हारी भरपाई हो जाएगी। जैसे-जैसे लोगों को नए ऑप्शन मिलते हैं, वे उनके होते जाते हैं; तुमसे ज्यादा देने वाला कोई मिल ही जाता है, प्रकृति दे ही देती है, क्योंकि मूल तक पहुंचने तक हर व्यक्ति को "ज्यादा" का ऑप्शन चाहिए। वे आपको इसलिए याद करते हैं कि अभी आपका ऑप्शन नहीं है। जिस घर से आप प्यार करते हो, उसमें पूजा-पाठ किया — पर लगाए से दुगना मिले तो खुशी से बेच देते हो। तुम निकलोगे तो लोग यह भी कहेंगे अच्छा हुआ चला गया। तुम नहीं थे तब भी दुनिया चल रही थी, आगे नहीं रहोगे तब भी चलेगी — तुम क्या सीखकर निकलते हो, यह देखो। यहां एक से बढ़कर एक हैं; अगर एक से बढ़कर एक देखना चाहोगे तो ऐसे ही जन्मों घूमते रहोगे।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21