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प्रश्नोत्तर P17-0130 · भाग 17

गुरु जी, साधना करते दो-चार महीने, एक साल बीत गया, कुछ हो नहीं रहा — ऐसा क्यों?

प्राप्त करने का यह भी एक नशा हो गया है। कुछ नहीं हो रहा — इसका मतलब आप अपने आप में आ रहे हैं। बात समझ में आ रही है, और जैसे-जैसे समझ में आ रही है वैसे-वैसे मानसिक रूप से छूट रहा है — आपकी समझ बढ़ना मतलब छूटना। कुछ भी प्राप्त नहीं करना है; अगर कुछ प्राप्त हुआ, चाहे वो दर्शन ही हो, तो फंस जाओगे — वो आत्म का बोध नहीं है। जैसे कपड़े का कोई दाग एक बार धोने से छूटता है और कोई कई बार धोने से, वैसे धीरे-धीरे समझ विकसित होने के साथ आप छूट रहे हो। बस धैर्य रखो, सत्संग सुनो, इंतजार करो और जितना प्राप्त है उसे छोड़ने का पूरा भाव बना लो — मैं पूरी तरह छोड़ने को तैयार हूं। जब आपकी तैयारी पूरी है तो कोई न कोई छुड़ाने वाला मिल ही जाएगा।

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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21