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प्रश्नोत्तर P17-0108 · भाग 17

गुरु जी, हमारा भी भक्ति करने का बहुत मन होता है, लेकिन परिवार है — क्या करें?

आपके हाथ में है, कर लो। परिवार है तो उससे क्या हुआ — परिवार के साथ भक्ति करो। परिवार परिवार है, आप आप हो; खाना-पीना सब तो करते हो ना, भक्ति भी करो। भक्ति का मतलब परिवार छोड़ना थोड़ी है — भक्ति का मतलब अपने आप को निर्विकार कराना, कामनाओं से मुक्त कराना, छल, कपट, चोरी, बेईमानी, चापलूसी, मक्कारी, धूर्तता, पाखंड से मुक्त कराना। इसके लिए भक्ति की जाती है — इसमें क्या है, चाहे जहां भी रहो, करो।

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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21