प्रश्नोत्तर P16-0153 · भाग 16
पांच तत्वों का हमारे जीवन में क्या महत्व है?
यह शरीर हमें मिला है; पांच तत्वों से ब्रह्मांड का निर्माण हुआ है — अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल, आकाश। अग्नि भी प्रत्यक्ष है, पृथ्वी भी, वायु का हमें एहसास होता है, जल भी प्रत्यक्ष है। आकाश तत्व बोलो तो ज्यादातर लोग ऊपर दिखाते हैं, लेकिन वह आसमान है। खाली स्पेस को आकाश तत्व कहते हैं — कहीं भी खाली जगह; हमारे शरीर में भी खाली जगह है। लोग कहते हैं धरती और आसमान के बीच को आकाश तत्व — लेकिन बीच तब होता जब आप दोनों किनारे देख पाते; एक किनारा तो देखा, दूसरा किनारा आज तक किसने देखा? अनुमान मत लगाओ; खाली जगह को, स्पेस को आकाश कहते हैं। अगर हमारे शरीर में स्पेस ना हो तो इसमें रह ही नहीं पाएंगे। अब जीवन में कुछ भी नया करना है तो खाली करना पड़ेगा — यहां पहले से एक सामान मौजूद है, तो उसे हटाकर ही दूसरा रख सकते हो। इसलिए कहा गया है कि अपने आप में होना चाहते हो तो निर्विकार हो जाओ, क्योंकि विकारों से भरे हो; पहले विकार हटेंगे तब ज्ञानमय हो जाओगे। अपने आप को खाली करो, क्योंकि आपने कुछ और भर लिया है। हर तत्व का महत्व है — पांच तत्वों के बिना हम इस शरीर में रह ही नहीं सकते, और सबकी अपनी-अपनी जगह जरूरत है, एक के बिना दूसरा अधूरा है। यह पंच महाभूत शरीर पांच तत्वों के संयोग से बना है; एक को हटा दोगे तो सब छिन्न-भिन्न हो जाएंगे। अग्नि शरीर में नहीं तो कुछ खाओगे, पचेगा नहीं; पानी का महत्व, वायु का महत्व; और चारों ओर खाली जगह ना हो, नाक पैक हो जाए, तो रह पाओगे? सांस ऑटोमेटिक चल रही है तो हमें पता नहीं चलता, दिक्कत आती है तब पता चलता है। जो प्रकृति से है वह सब ऑटोमेटिक मिलता है; प्रकृति के हर तत्व का उपयोग करो, सदुपयोग करो, दुरुपयोग मत करो। प्रकृति के लिए आपको कुछ नहीं करना है, बस उपयोग करो।
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वीडियो: पांच तत्वों का हमारे जीवन में महत्व / #पांच #तत्व #aadhyatmik #satsang · 2024-09-06