प्रश्नोत्तर P16-0138 · भाग 16
बाबा, अभी तो गुरु भी नहीं मिला; हम तो मनमुखी आदमी हैं। गुरु के बिना क्या करें?
गुरु शब्द है, बाबा। दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाए, लेकिन बनाया एक भी नहीं — देखकर ज्ञान लिया, माना, सम्मान दिया। गुरु ज्ञान का प्रतीक है; गुरु शब्द है, शरीर नहीं। शरीर को मत पकड़ो, शब्द को पकड़ो और आगे बढ़ जाओ। प्यास बुझाओ नल से, नल को मत पूजो — नल झूठा है, पानी सच्चा है। ज्ञान को लो और आगे बढ़ जाओ; इस पर चलोगे तो अपने आप मिलते रहेंगे। नल को पकड़कर बैठने की कोई जरूरत नहीं। व्यक्ति विशेष को कभी मत पकड़ना, फंस जाओगे।
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वीडियो: कुछ बातें कुछ यादें कुछ सत्संग / #बातें #यादें #सत्संग · 2024-01-14