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प्रश्नोत्तर P14-0129 · भाग 14

हम कर कैसे रहे हैं प्रभु, कोई प्रारब्ध था ना मेरा?

उस प्रारब्ध के लिए काम किसने किया? अगर आपको एक महीने में पेमेंट मिला है तो एक महीने का काम आपने ही किया है, कम किया है तो कट के मिल रहा है। प्रारब्ध उसी को कहते हैं जो आपने पीछे किया है। देखो, जितने भी बच्चों का जन्म होता है, वो अबोध हैं, उन्हें अच्छे-बुरे का पता नहीं, फिर भी कोई राजा के यहाँ, कोई रंक के यहाँ, कोई अपाहिज, कोई स्वस्थ, कोई रोगी। पिछला लेके आ रहा है ना; अगर पिछला-अगला नहीं होता तो सब एक जैसे पैदा होते। जो चार साल की बच्ची के साथ बुरा करता है, करने वाला दोषी है क्योंकि वो अबोध नहीं था, उसे सजा मिलनी चाहिए। शुरुआत में भी कुछ नहीं है और आखिरी में भी कुछ नहीं; "कुछ है" में आप क्या सीख लेते हो, वो मायने रखता है। जैसे दो घंटे का पेपर — उस समय आप पूरी तरह स्वतंत्र हो, चाहे लिखो चाहे ना लिखो, समय पूरा होते ही पेपर छीन लिया जाएगा। ऐसे ही जीवन आपके हाथ में है; "कुछ है" में क्या सीखते हो उसी से तय होता है कि आपकी यात्रा आगे कहाँ की होगी।

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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18