प्रश्नोत्तर P10-0195 · भाग 10
(कुटिया में साधक) घर पर जो पुरानी आदत थी, उसके विचार यहां तीन-चार दिन से नहीं आ रहे, बस सपने में आते हैं; घर पर वह विचार खींच लेता था। ऐसा क्यों? और वहां जाकर कैसे बचूं?
कोई बात नहीं। यह यहां की ऊर्जा, यहां के सत्संग का प्रभाव है। तो आप वहां भी जाना तो वैसे ही रहना। अगर आपको लग गया कि यह चीज मुझे नुकसान दे रही है, तो मत करना; कुछ भी आए — नहीं करूंगा। करना या ना करना, सब तुम्हारे ऊपर है। अगर तुम मेरे शब्दों में जी रहे हो, तो मैं तुम्हारे साथ हूं; तो तुम गंदी आदत में जाना ही मत। अगर तुमने अपने जीवन में मेरे शब्द अपनाए हैं और तुम उस तरफ नहीं जाना चाहोगे, तो तुम्हें कोई नहीं ले जा सकता, क्योंकि उन शब्दों के पीछे मैं भी हूं। आप अगर इन शब्दों में जिओगे, तो मुझे पाओगे। वह (आदत) कोशिश करेगी, तुम करना ही मत; उसकी कोशिश से थोड़ी ना हुआ था, तुमने भी कोशिश की थी तभी हुआ।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 8 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-08