प्रश्नोत्तर P10-0192 · भाग 10
गुरु जी, आत्मा जीव भाव में आ गई है; जैसे-जैसे बाहर से छूटेंगे, अपनी तरफ आ रहे हैं। तो ये कल्पनाएं हमको कौन ले जा रहा है? जीव ले जा रहा है?
जीव के पीछे तुम ही हो। सबके पीछे तुम ही हो। हाथ के पीछे तुम हो तो उंगली के पीछे भी तुम ही हो; ऐसा नहीं कि हाथ के पीछे कोई और है और पैर के पीछे कोई और। सबके पीछे तुम हो, और तुम ही आखिरी फैसला करते हो कि मुझे क्या चाहिए। तो देख लो कि मुझे क्या चाहिए, और उसके लिए काम करो। कुछ भी होता है तो "मैं" ही चाहता है, "मैं" की ही आज्ञा है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 8 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-08