प्रश्नोत्तर P10-0030 · भाग 10
जब क्लेश वाले माहौल में बहस करना व्यर्थ दिखे और इंसान अपनी ऊर्जा बचाने के लिए चुप रहे, तो उस मौन और कायरता के बीच महीन रेखा क्या है? निर्भर होकर ठोस कदम उठाने का सही आध्यात्मिक अर्थ क्या है?
जब क्लेश का माहौल हो और बहस करना व्यर्थ दिखे, तो आप सामर्थ्यवान बनिए। आप खुद अपने आपको सामर्थ्यवान बनाइए। उनको छोड़ दीजिए।
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