प्रश्नोत्तर P9-0163 · भाग 9
आप कहते हैं कि आपको फक्कड़ की तरह घूमना ज्यादा अच्छा लगता है। तो क्या कुटिया में रहना आपको बंधन लगता है?
नहीं। कुटिया में रहना बंधन इसलिए नहीं लगता कि कुटिया का निर्माण मेरे द्वारा हुआ है। इसलिए बंधन लग ही नहीं सकता, क्योंकि कहीं न कहीं मैं निमित्त हूं उसे बनाने में, और आप लोगों के लिए बनाया हूं। तो कोई बात नहीं है। अभी भी तो मैं फक्कड़ ही हूं। ऐसा नहीं है। मुझे अच्छा लगता है फक्कड़ की तरह रहना। तो अब काम कर रहे हैं तो काम को काम के तरीके से करना पड़ेगा।
अब देखो, हमारे आवरण का कितना बदलाव हो गया। पैदल चलते थे, गाड़ी से चलने लगे। बहुत सारी बातें बदल गईं जीवन में, क्योंकि समाज में काम करना है। पहले घूमते थे, न कोई आता था, न पता था। चाहे जहां रहो, चाहे जैसे रहो। किसी को सुनना है तो सुने, नहीं तो कोई बात नहीं। किसी को खड़े करके कोई वीडियो बना दो। उसको समझ में आया तो ठीक। नहीं समझ में आया तो किसी और को समझ में आ जाएगा। अब जब से अपनों की कुटिया बनाया हूं, तब से यह भाव है कि अभी की पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी इसका उपयोग करें। और उसके लिए धन की व्यवस्था और सब व्यवस्था कर रहा हूं। यहां लगा हूं।
देखिए, अगर मैंने अपना हाथ खुद बांधा कहीं, तो मैं कभी भी छोड़ सकता हूं। बंधन तब होता जब मेरा हाथ कोई और बांधता, और मैं नहीं चाहता। मेरी इच्छा नहीं होती और मुझे कोई बांध देता, तो वह बंधन होता। यह तो मैंने सोच-समझकर, बहुत विचार-विमर्श अपने आप से करके, स्वयं से मैंने अपनों की कुटिया का निर्माण किया है। तो बंधन का तो सवाल ही नहीं उठता।
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वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16