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प्रश्नोत्तर P9-0161 · भाग 9

गुरु जी, सत्मार्ग बताने के लिए धन्यवाद। हम उठने का पूरा प्रयास करेंगे। आपका साथ चाहिए।

मैं आपको एक ही बात कहूंगा। आपको क्या ऐसा लगा कि मेरा साथ नहीं रहा? मेरा तो साथ इतना रहता है कि मैं तो आप लोगों के पीछे भागता हूं। लेकिन जब आप मुड़कर कहते हो कि मेरे पीछे मत आओ, तब मैं नहीं आ सकता। जब तक आप कह रहे हो, तब तक मैं तो तुम्हारे पीछे आ रहा हूं। अगर तुम बहुत तेजी से कहीं जा रहे हो भटकने, तो मैं बहुत तेज गति से तुम्हें बुलाने का प्रयास करता हूं कि आओ, उठ जाओ। और उसके लिए मेरी आंखों में आपके लिए आंसू हो जाते हैं, जब आप गिरते हो। लेकिन जब आप मुड़ के कहते हो कि नहीं, आप मत आओ, मैं खुद उस लायक हूं, मुझे आपकी जरूरत नहीं है, तो मैं फिर पलट जाता हूं। अगर मैं एक बार पलट गया तो फिर आपको ही पीछे आना पड़ेगा। पहली मुलाकात में मैं पीछे आता हूं। और अगर मैं एक बार मुड़ गया, तुमने मुझे मोड़ दिया। पहले तो मैं इतनी आसानी से मुड़ने वाला नहीं हूं कि आपने कहा और मैं मुड़ जाऊं। ऐसा नहीं है। मैं जल्दी मुड़ता नहीं। हर स्थिति-परिस्थिति में, आप चाहे मेरा अपमान करो, चाहे जैसे भी करो, बस भाव यही रहता है कि आप कैसे सत्मार्ग पर लग जाओ और कैसे आपका कल्याण हो। लेकिन एक बार अगर मैं मुड़ गया तो फिर मैं आपके पीछे नहीं आऊंगा। आपको मेरे पीछे आना पड़ेगा। तो अब आप देख लीजिए, आपको क्या करना है।

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वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16