आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P9-0141 · भाग 9

महाराज जी, मैंने भांग के नशे में एक बार देखा कि विचार रुक गया, सब कुछ साफ, फुल एचडी में दिख रहा था, और कोई विचार पैदा नहीं हो रहा था। वह अनुभव क्या था?

देखो, मैं आपको बताऊं। नशा करके, जैसे एक बार बचपन में हमारे यहां गांव में शिवरात्रि होती है। भांग वगैरह, ठंडाई वगैरह बनती है। तो हमें पता नहीं था। हमने क्या किया, प्रसाद रखा था, और वह भांग वाला मीठा मिला के प्रसाद था। अब वह रखा था, हमने अपना खूब खाया, खूब खाया। रात को आया घर पर और मां से कहा कि मैं उड़ रहा हूं, मैं एकदम आसमान में उड़ रहा हूं। ऐसा कई बातें बोलीं। बाद में जब नींबू, अचार, ऐसे खिलाया गया तो जमीन पर आ गया। कहने का मतलब भैया, नशे से मुक्त हो जाओ। नशा करके अगर कुछ अनुभव हो रहा है, नशा टूटेगा तो बहुत ज्यादा नीचे गिरोगे।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: लाइव सत्संग अपनों की कुटिया में प्रश्न और उत्तर #योगी · 2026-07-16