प्रश्नोत्तर P9-0037 · भाग 9
गुरुदेव, आत्मज्ञान में आदमी खुद को परमात्मा से अलग मानता है, फिर वह भक्ति करता है। थोड़ा इसे स्पष्ट करो।
अलग मानता नहीं है। उसी से है। ऐसा नहीं है। आत्मज्ञान के बाद तो क्लियर हो गया, हम उसी से हैं। वही इंतजार करता है। लेकिन देखिए, उससे अलगाव तो हुआ है, तभी तो उसकी खोज है।
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वीडियो: Live के प्रश्न और उत्तर स्वयं के सामर्थ को जांच कर आगे बढ़े । #योगी · 2026-06-05