प्रश्नोत्तर P9-0025 · भाग 9
आश्वासन पर पूरी जिंदगी टिकी हुई है। अपनी सामर्थ्य और सामने वाले की सामर्थ्य कैसे जांचें?
आश्वासन पर पूरी जिंदगी टिकी हुई है, लेकिन वही अपनी सामर्थ्य और सामने वाले की सामर्थ्य देखो। जब तक मूल तक नहीं पहुंचोगे, तब तक चाहिए का भाव बना रहेगा। और अगर मुझे कुछ चाहिए, और मुझे कोई आश्वासन दिया, तो कहीं न कहीं मुझे जाना ही पड़ेगा, अपनी कमी को दूर करने के लिए। अगर मैं काम भी करूंगा, तो किसी के साथ ही करूंगा। अगर लोगों को हटा दो, तो काम भी नहीं कर पाओगे।
तो जब मुझे कोई आश्वासन दे रहा है, तो देखना यह है कि क्या मैं उस आश्वासन पर काम भी कर सकता हूं? आपको देखना है, क्या मेरे करने की सामर्थ्य है? और अगर नहीं है, तो क्या मैं करने लायक बन सकता हूं? यह जांचो। नहीं तो सामने वाला भी क्या करेगा? अगर आप योग्य नहीं रहोगे, करने लायक नहीं रहोगे, तो सामने वाला भी कुछ नहीं कर सकता। लेकिन आप करने लायक भी हो, और कोई न मिले, तो भी आप कुछ नहीं कर सकते। दोनों का मिलना जरूरी है। एक सीखने वाला, एक सिखाने वाला।
तो मुझे अपने आपको जांचना है कि जिसके लिए मैं गया हूं, उसके लिए काम करना पड़ेगा। क्या मैं कर सकता हूं? और जो व्यक्ति मुझे आश्वासन दे रहा है, वह क्या बता रहा है मुझे करने को, जिसे पाने मैं गया हूं, जो मुझे चाहिए। अगर मैं दुकान पर कोई सामान लेने गया हूं, तो मुझे सामान की जानकारी होनी चाहिए कि असली है या नकली। यह मुझे होना चाहिए। मुझे दुकानदार से मतलब नहीं, यह पहचान मुझे होनी चाहिए। अगर मुझे जानकारी है, तो मैं एकदम सही दुकान पर ही पहुंचूंगा, सही माल लेकर आ जाऊंगा। लेकिन अगर मुझे जानकारी नहीं है, तो मुझे कोई भी कुछ थमा देगा, और मैं लेकर चला आऊंगा।
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वीडियो: Live के प्रश्न और उत्तर स्वयं के सामर्थ को जांच कर आगे बढ़े । #योगी · 2026-06-05