प्रश्नोत्तर P8-0165 · भाग 8
ध्यान करने का मन होता है। एक अजीब भाव रहता है। कहते हैं करो, लेकिन चुनाव करते समय कर्ता फिर खड़ा हो जाता है। कर्ता का भाव कैसे न रहे?
आप अनुमान लगाना छोड़ दो। कर्ता का भाव बनेगा ही नहीं। अगर कोई काम कर रहे हो, तो परिणाम आने के बाद बताओ। और परिणाम आने के पहले जब बताते हो, तो कर्ता का भाव प्रकट होता है। तो जब कोई भी काम करो, परिणाम आ जाए तो बताओ। या तो बोल दो, मुझे परिणाम अभी नहीं आया है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26