प्रश्नोत्तर P8-0125 · भाग 8
निर्विकार कैसे हों? तंत्र-मंत्र क्यों बने? इनका दुष्परिणाम क्यों होता है?
संसार में दारू भी बना दी गई है, ड्रग्स भी बना दिए गए, हेरोइन भी बना दी गई है, गुटखा, तंबाकू भी। तो इनके खाने से क्या होता है? रोगी होता है। नहीं खाना चाहिए। तो आपकी परीक्षा तब होगी जब दो विकल्प होंगे। परीक्षा कब होगी? जब दोनों होंगे।
देखो, एक प्रश्न आता है तो चार देते हैं। एक सही रहता है, तीन गलत रहते हैं। आपको चार में से एक पर चुनना है। उसमें से एक सही भी है। अब तीन गलत क्यों दिए? तीन गलत को हटा देना चाहिए था क्या? आता है न, क, ख, ग, घ। आपको उनमें से सही उत्तर चुनना है, और तीन गलत हैं। अब आप कहोगे, तीन क्यों दिए? एक ही देना चाहिए था। तो एक ही देना चाहिए था, तो तुम्हारी समझ की परीक्षा कैसे होती कि तुम्हारी समझ कितनी है, तुम्हें याद है कि नहीं? तो तीन गलत दिए गए, एक सही। तब पता चलता है कि तुम्हें याद है कि नहीं, और तुम्हें आता है कि नहीं। तो भाई, गलत और सही दोनों समाज में चीजें हैं। तभी पता चलेगा तुम किस तरफ जा रहे हो। यही तो संसार है।
ऐसे लोग भगवान कृष्ण को भी मिले हैं। सबको मिले हैं। ये तीन प्रवृत्तियां हैं। देव प्रवृत्ति, राक्षस प्रवृत्ति, और सात्विक प्रवृत्ति। रजोगुण, तमोगुण, सतोगुण। तो जब भी आप समाज में काम करोगे, जब भी आपके द्वारा काम होगा, तो आपको कोई न कोई आपकी आलोचना करेगा, पक्का। आप चाहे तमोगुण अपना लो, चाहे रजोगुण अपना लो, चाहे सतोगुण अपना लो। इस समाज का उद्धार सतोगुण वाले से होता है। रजो और तमो दोनों गुण वाले भटकते रहते हैं, और लोगों को भटकाते रहते हैं, मान-सम्मान के चक्कर में।
तीन प्रवृत्ति हैं। राक्षस प्रवृत्ति, देव प्रवृत्ति, मानव प्रवृत्ति। मानव प्रवृत्ति ही समाज में कुछ कर पाती है। सात्विक प्रवृत्ति अपनाओ। तो आप जब भी कुछ करोगे, आपकी आलोचना होगी ही होगी, क्योंकि तीन प्रवृत्ति हैं और तीनों प्रवृत्ति के लोग हैं। तो आलोचना से मत डरो, गाली से मत डरो। बस अपना काम करो। और आपको यह देखना है कि मेरे काम के द्वारा समाज का हित हो रहा है। बस, बात खत्म।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26