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प्रश्नोत्तर P8-0053 · भाग 8

अचेतन मन में जो डर के विचार हैं, उनसे कैसे ठीक हों? और यह डर के विचार उसमें कैसे बैठे?

डर इसलिए है कि आपने कुछ ऐसा कार्य किया है। कार्य की वजह से डर है, या सुरक्षा को लेकर डर है। आप कमजोर हो, तो कहीं न कहीं डर के पीछे कोई कारण है, कोई वजह है। वह जब तक नहीं हटेगा, तब तक डर नहीं हटेगा। जैसे मान लीजिए आप कहीं सोए हो और बगल में ही कोई ऐसा जानवर है, जैसे शेर है, तेंदुआ है, और आप अकेले हो। जब तक आप पूरी तरह सुरक्षित, चारदीवारी में नहीं हो जाओगे, या उस शेर और तेंदुए को नहीं हटा दिया जाएगा, तब तक डर बना रहेगा। जैसे आपके घर में सांप आ जाए। अब पूरा परिवार डरा है। कब तक डरेगा? जब तक वह निकलेगा नहीं। जब वह निकल जाएगा, तो डर खत्म। और सोचो कि उसके रहते बोलो कि डर हटा दूं। तो आप कितना भी मानसिक डर हटाओ, लेकिन एक भय बना ही रहेगा। आप लोग क्या सोचते हो कि हम विचार से सोचें कि हमारे अंदर परमात्मा है, हम शुद्ध आत्मा हैं। लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं। एक धोखा है, और इसमें जिंदगी चली जाती है। आप सोचो कि आपके घर में सर्प फैल गया और पूरा परिवार सोचे। वह निकला नहीं, और आपने आते हुए देख लिया, आपके घर में है, आपको पता है। और कोई कहे कि एक काम करो, डरो मत, डर निकाल दो। ऐसे निकलेगा? सर्प निकलेगा तभी डर निकलेगा, क्योंकि डर का कारण कहां से बना? सर्प से। तो सर्प निकलेगा तभी डर निकलेगा, नहीं तो नहीं। या तो उस जगह को छोड़ के दूसरे घर में चले जाओ, तो डर हट जाएगा। या तो आप जाओ, या तो सर्प जाए। कहने का मतलब यह है कि बातों से बात नहीं बनेगी। कारण को, वजह को हटाना पड़ेगा, और उसके लिए मेहनत करना पड़ेगा, काम करना पड़ेगा। बातों से बात बनने वाली नहीं है। लोग सोचते हैं, बोलते हैं कि बस मैं शुद्ध आत्मा हूं, मैं ब्रह्म हूं। फिर वह ब्रह्म भी हैं और हरकत ऐसी करते हैं, राक्षसों जैसी। कहते तो हैं मैं ब्रह्म हूं, लेकिन हरकत कैसी है? राक्षस जैसी। तो कोई मतलब थोड़ी है। मानवता नहीं है तुम्हारे अंदर, प्रेम नहीं है, दया नहीं है, करुणा नहीं है, और तुम कह रहे हो मेरे अंदर ब्रह्म है, और घूम रहे हो पागल की तरह। तो ये सब मानने वाली बातों से हटो। प्रत्यक्ष में जीना चालू करो। प्रत्यक्ष में मेरा कल्याण कैसे हो, उस परम सत्ता का साक्षात्कार, आत्मसाक्षात्कार कैसे हो, उसके लिए काम करो। यह बातों से बात बनने वाली नहीं है। इस बात को जरा आप लोग गहराई से समझो। मैं यही बताना चाहता हूं कि बातों से बात नहीं बनने वाली है। उसके लिए आपको काम करना पड़ेगा, उसके लिए आपको मेहनत करना पड़ेगी।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26