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प्रश्नोत्तर P5-0197 · भाग 5

बच्चे की हर इच्छा पूरी कर दूं ताकि फ्री हो जाए — सही है?

इच्छाओं की पूर्ति कभी नहीं हो सकती। सामने वाला मांग रहा है, इसका मतलब आप दुरुपयोग कर रहे हो। देखिए, सामने वाला इसका उपयोग क्या कर रहा है। क्या उसे साइकिल की जरूरत है? एक है, तो दूसरा क्यों? शौक में आदमी बर्बाद होता है। जरूरत में जियो। शौक कभी पूरा हो सकता है? नहीं हो सकता। फिर आप अपने बच्चे को बर्बाद करने की दिशा में बढ़ा रहे हो। जरूरत में जीना सिखाओ। उसे बैठकर समझाओ। जरूरत में जीना सिखाओ। इच्छाओं की पूर्ति, वस्तुओं की पूर्ति, इस पृथ्वी पर कभी हो सकती है? एक के बाद एक। कभी पूर्ति हो सकती है? नहीं हो सकती। एक दिन तो आपको उसे ना ही कहना पड़ेगा। नहीं, वो तो मांगता ही रहता है, जब दिलाते रहते हो। आप क्या करिए। अगर वो कुछ मांग रहा है, तो उससे पूछिए, क्यों। इसका उपयोग क्या करोगे। जरूरत हो तो दिलाओ। नहीं तो मत दिलाओ। उस धन का उपयोग कहीं और करो। क्योंकि दिलाने में धन लग रहा है, और वो धन का उपयोग नहीं हो रहा। मतलब उसकी इच्छा की पूर्ति हो रही है। क्या उसकी इच्छाओं की पूर्ति हो सकती है? आप उसे बढ़ावा दे रहे हो, तो आप उसे पतन की तरफ ले जा रहे हो। आप उसे जरूरत में जीना सिखाओ। जैसे बच्चा खिलौना मांगता है। एक खिलौना छोड़ के दूसरा मांगता है। वो टूटा क्यों? पहले ये पूछिए। जानकर तोड़ रहा है, तो नहीं देना है। क्योंकि दूसरा भी तोड़ेगा, तीसरा भी तोड़ेगा। एक दिन हमारी ऊर्जा ही खत्म हो जाएगी। या तो वो लेने लायक नहीं रहेगा, या दिलाने लायक। ये स्थिति आने वाली है। इससे अच्छा अभी रुक जाओ। अभी समय है, समझ है। दोनों हैं। ऐसा ना हो, समय और समझ दोनों ना रहें। फिर क्या करोगे? खिलौना की स्थिति में उसने तोड़ा, कि टूट गया। फिर उसको खिलौना की जरूरत भी है कि नहीं? क्या वो खिलौना के लायक है कि नहीं? पता चला, समझ उसकी खिलौने से पार हो गई। अभी तक हम जरूरत में नहीं जी रहे। इच्छा हुई, वो पूरी कर दी। आप भी मत लाओ। आप भी देखो, जरूरत है आपको क्या। ये समझ अभी आई है। बस अभी से जीना चालू करो। पीछे छोड़ो। अब से जीना चालू करो। मेरी जरूरत क्या है, मेरी आवश्यकता क्या है, ये आपको देखना है। हो सकता है आपको एक करोड़ की गाड़ी की जरूरत हो, क्योंकि उस गाड़ी से आप कुछ करना चाहते हो। वो आप देखिए। क्या उसकी जरूरत है? क्या खिलौना तोड़कर खिलौना मांग रहा है? जैसे इसने साइकिल तोड़ी। टूटी नहीं, तोड़ दी। तीन तोड़ दीं, तो चौथी भी तोड़ देगा। इसके पापा खुद मजदूरी कराएं, फिर ये साइकिल लाए, तो नहीं तोड़ेगा। और तोड़ेगा, तो फिर कमाए, तब नहीं तोड़ेगा। किसी को ऊपर उठना सिखाओ। उसका पतन मत करो। क्योंकि इच्छाओं की पूर्ति कभी की ही नहीं जा सकती। जरूरत में जियो। जरूरत में जीना सिखाओ।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 23 अगस्त 2026 #योगी · 2026-08-23