प्रश्नोत्तर P5-0027 · भाग 5
(कुटिया में साधक) हम अपने आप पर विश्वास कैसे करें — जो कर रहे हैं सही है या गलत? अध्यात्म / आत्मचिंतन कैसे शुरू करें? चिड़िया-गिलहरी को अपना खाना डालना सत्कर्म है?
अपने आप पर विश्वास तभी होगा जब पूरी जानकारी होगी जो करने जा रहे हो उसके बारे में। अध्यात्म की खोज से पहले पूछो — अध्यात्म क्या है। शुरुआत यहीं से — बेईमानी मत करो; ईमानदारी, सत्कर्म अपना लो। यहाँ सत्कर्म — सत्संग सुनकर अपनाना, अपना कल्याण; और सेवा मिल ही जाती है। जगह का महत्व होता है। करने का भाव रखो। चिड़िया को डालना — आपका खाना तब होता जब दो रोटी की भूख हो और एक बचा लो। पेट भर खा लिया और बचा लिया वो आपका खाना नहीं। खाने से पहले निकालो; मात्रा समझो — अति मत करो। यहाँ साधकों के लिए व्यवस्था है; अन्य जीवों के लिए प्रकृति। अपनी बेवकूफी को मानवता मत कहो। व्यवस्था फ्री में नहीं आती; मजाक मत बनाओ। अंदर जाओ मत — बाहर जाओ। राग-द्वेष-मोह-आसक्ति-इच्छा-अपेक्षा-मेरा-कर्ता मान छोड़ो। परिवार छोड़ दिया काफी नहीं; मान की इच्छा, योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा छूटी क्या। योग्यता होती तो आत्मज्ञान मिल गया होता — अभी छूटा नहीं; काम करो। यहाँ रहो, सत्संग सुनो, नियम में जियो; धीरे-धीरे समझ आएगा। बाहर से छोड़ना आसान; अंदर से नहीं।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17