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प्रश्नोत्तर P3-0171 · भाग 3

(लाइव) योगी जी, हम आपको इतना याद करते हैं। और अगर हम आपके ही बताए गए वचनों पर चल रहे हैं, घर पर वही काम करते हुए अपने आप को उसमें ढाल रहे हैं और आपको याद करते हैं — तो क्या आप भी हमें याद करते हो?

तो अब देखना यह है कि आप याद तो करते हो, क्या चरित्र भी अपनाते हो? जितने शब्द हमने दिए हैं, क्या उसमें आप जीते हो? तब तो याद का कोई मतलब है। लेकिन आप याद करते हो और जीते अपने तरीके से हो, तो याद का कोई मतलब नहीं है। आप उस जगह हो, आप कह सकते हो; हम नहीं कह सकते कि हम याद करते हैं या नहीं करते हैं — कैसे सिद्ध होगा? जब हमने आपके लिए ही जीवन लगा दिया है, तो याद तो बहुत छोटी बात है। याद तो — हम रास्ते में किसी से मिल जाते हैं तो जीव-जंतुओं की भी याद आती है कि वो घोड़ा बड़ा सुंदर था, वो हाथी बड़ा सुंदर था। एक व्यक्ति ने तो आपके लिए जीवन ही लगा दिया और आप उससे पूछ रहे हो कि क्या आप मुझे याद करते हो — तो बड़ी हंसी की बात हो जाएगी। क्या आपको मेरी याद आती है?

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01