प्रश्नोत्तर P3-0148 · भाग 3
(लाइव) आज का नजारा इतना भव्य है, ऐसा तो महाकुंभ में भी नहीं होगा। कुंभ मेले का असली मतलब क्या है?
मिल जाते हैं, जब आप देने लायक हो जाते हो। कुंभ मेला का मतलब था आदान-प्रदान — ज्ञान का आदान-प्रदान, जो जन्म-मरण से मुक्त करा दे। कहा गया है कि वहां अमृत की वर्षा हुई — चारों जगह जहां कुंभ लगता है, एक-एक बूंद एक-एक जगह गिरी। तो वह अमृत क्या है? ज्ञान, बस। कुंभ जाने का मतलब तब है।
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वीडियो: मां नर्मदा के किनारे सत्संग _ सतगुरु क्या होता है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-02-01