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प्रश्नोत्तर P3-0144 · भाग 3

पुण्य क्या है और पुण्य किस हिसाब से करना चाहिए? क्या पुण्य करने से भी बंधन में बंधते हैं?

बंधन में नहीं बंधते, लेकिन पुण्य से आपको वैभव मिलता है — उसका आप किस तरीके से उपयोग करते हैं। बंधन तो समाज में अगर कुछ है तो दुष्कर्म है। दुष्कर्म करने से अच्छा है सेवा करो; फिर सेवा सत्कर्म तक लेकर जाएगी, ईमानदारी तक लेकर जाएगी — शुरुआत करो। स्वतंत्रता स्वाभाविक है, ऐसे ही ईमानदारी भी स्वाभाविक है, सहज है। और ईमानदारी भी तब तक है जब तक आपको कुछ चाहिए; कुछ नहीं चाहिए तो ईमानदारी भी गई।

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वीडियो: मां नर्मदा के किनारे सत्संग _ सतगुरु क्या होता है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-02-01